सोमवार, 19 मई 2014

वेद विषय

 वेद विषय
प्र॰ – वेदो को लिखने के लिये दवात और कागज आदि कहां से आये ?
उ॰ – अग्नि , वायु , आदित्य और अंगिरा इन चार मनुष्यों के ज्ञान के बीच में वेदों का प्रकाश किया
तथा उनसे ब्रह्मादि के बीच में वेदों का प्रकाश कराया था ।
प्र॰ – परमेश्वर जब न्यायकारी है तो सबके हृदय में वेदों का प्रकाश क्यों नही किया ?
उ॰ – न्यायकारी उसको कहते हैं कि जो जैसा कर्म करे उसको वेसा ही फल दिया जाये ।
उन्ही चार पुरूषों का ऐसा पूर्व पुण्य था कि उनके हृद्य मे ही वेदो का प्रकाश किया गया ।
प्र॰ – वे चार पुरूष तो सृष्टि के आदि में उत्पन्न हुए थे उनका पूर्वपुण्य कहा से आया ?
उ॰ – जीव , जीव के कर्म और स्थूल कार्य जगत ये तीनो अनादि है , जीव और कारण जगत स्वरूप से अनादि है , कर्म और स्थूल कार्य जगत प्रवाह से अनादि हैं ।
प्र॰ – वेदों के उत्पन्न करने में ईश्वर का क्या प्रयोजन है?
उ॰ – ईश्वर परोपकारी है । जो परमेश्वर अपनी विद्या का हम लोगों के लिए उपदेश न करे तो विद्या से जो परोपकार करना गुण है सो उसका नहीं रहे । इससे परमेश्वर ने अपनी वेद विद्या का हम लोगो के लिए उपदेश करके सफलता सिद्ध करी है ,क्योंकि परमेश्वर हम लोगो का माता पिता के समान है । हम सब लोग जो उसकी प्रजा हैं उन पर नित्य कृपा दृष्टि रखता है । जैसे अपने सन्तानो के ऊपर पिता माता सदैव करूणा को धारण करते हैं कि सब प्रकार से हमारे पुत्र सुख पावें , वैसे ही ईश्वर भी सब मनुष्यादि सृष्टि पर कृपा दृष्टि सदैव रखता है ।

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